बोर्ड 34 साल के बाद पाठ्यक्रम में बदलाव
बिहार मदरसा बोर्ड से पास विद्यार्थी अब बिहार समेत अखिल भारतीय स्तर पर होने वाले मेडिकल इंजीनियरिंग समेत अन्य तकनीकी कोर्स के एडमिशन टेस्ट में बैठ सकेंगे। मौलवी साइंस से पास स्टूडेंट, डॉक्टर इंजीनियर बन सकेंगे। बोर्ड 34 साल के बाद पाठ्यक्रम में बदलाव करने जा रहा है। पिछले छह साल से बोर्ड इस कोशिश में लगा था। 30 अक्टूबर को इसका लोकार्पण होगा। बिहार अन्य बोर्ड की तरह 2019 से मदरसा बोर्ड भी मौलवी साइंस और मौलवी कॉमर्स की परीक्षा लेगा जबकि 2018 से मौलवी आर्ट्स का एग्जाम लेगा। बोर्ड अगले साल फौकानिया और मौलवी आर्ट्स की परीक्षा जनवरी-फरवरी में लेने की तैयारी में जुटा है। मौजूदा पैटर्न 34 साल पहले लागू हुआ था। *ख़बर सीमांचल*

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