Saturday, 14 October 2017

*टेढ़ागाछ_प्रखंड_के_गुमनाम_गांव*

*टेढ़ागाछ_प्रखंड_के_गुमनाम_गांव*
*टेढ़ागाछ प्रखंड* में कई ऐसे गांव है जो गुमनाम हैं। ये ऐसे गांव हैं जो विकास से पूरी तरह से महरुम है। इन गांवों में न बिजली है और न ही गांव पहुंचने के लिए रास्ते हैं। वास्तव में ऐसे गांवों में विकास कार्य चलाने जरुरत है, पता नहीं क्यों विकास कार्य वहीं पर हो रहे हैं, जहां पहले से सबकुछ मौजूद है। प्रखंड के चिल्हनिया पंचायत के खटिया टोली और धवैली पंचायत के आदिवासी महादलित टोला ऐसे गांवों में शामिल है जो बिल्कुल मुख्यधारा से कटा हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है किशनगंज DM और SDM कुछ करे तो भले दिन आ सकते हैं। खास बात ये है कि साल 2015 के नवंबर में धवैली पंचायत के महादलित टोला में 6 घंटे बिताने का मौका मिला था। इस टोले में दर्जनों बच्चे ऐसे मिले जो ढिबरी जलाकर रात में पढ़ाई कर रहे थे। टोला के ही एक बुजुर्ग इन बच्चों को तालीम देते हैं। सवाल- जवाब के दौरान बुजुर्ग उस्ताद ने बताया कि हमारा गांव सड़क से जुड़ जाए और बिजली मिल जाए तो बच्चे इलाके का नाम रोशन कर सकते हैं। उनके मुताबिक और कितने दिनों तक हमें विकास से महरुम रखा जाएगा? रिपोर्ट- हसन जावेद/अबू फरहान

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