आज_बिहार_अपना_106_वां_जन्म_दिवस_मना__रहा_है_____________

ीना में हुआ था । जब ओड़िसा बिहार से अलग हो गया था। बिहार गठन के 99 साल बाद तक इस तारीख को वह महत्व नहीं मिला जो वर्ष 2011-12 से मिलना शुरू हुआ । इसका मुख्य श्रेय सूबे के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को जाता है। सबसे पहले बिहारी अस्मिता का पहचान आज से 142 साल पहले मुंगेर जिला से छपने वाले एक उर्दू अखबार ने सबसे पहले "बिहारियों के लिए बिहार " नारा दिया था। बाद में यही बिहारी अस्मिता की पहचान बन गया।बिहार दिवस का कार्यक्रम तीन दिवसीय हो रहा है, 22 से 24 मार्च तक यह सामारोह मनाया जाएगा। इस सामारोह के मौके पर चंपारण सत्याग्रह को लेकर साल भर तक चलने वाले कार्यक्रमों का समापन भी होगा। चंपारण सत्याग्रह शताब्दी सामारोह पर एक धारावाहिक दिखायी जायेगी। इस दौरान लेजर शो सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। बिहार दिवस पर विभिन्न विभागों के स्टॉल लगेंगे । इसमें शिक्षा,पीएचइडी,जीविका,ऊर्जा , कृषि,उद्योग, आपदा , पर्यटन, पशु व मत्सय संसाधन , समाज कल्याण विभाग आदि द्वारा पैवेलियन व स्टॉल बनाया गया है कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राज्य भर से करीब पाँच हजार बच्चे पटना पहुँचेंगे।
Labels: khabar seemanchal

0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home