बिहार : टेरर फंडिंग में मुकेश की गिरफ्तारी के बाद हैरत में हैं इलाके के लोग, शिक्षक पिता की सदमे से बिगड़ी हालत
मांझा : लश्कर-ए-तैयबा के लिए टेरर फंडिंग (आतंक फैलाने के लिए धन मुहैया कराने) से जुड़े मुकेश प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद उसके शिक्षक पिता का सदमे से तबीयत बिगड़ गयी. आनन-फानन में उन्हें गोरखपुर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जबकि इस गिरफ्तारी से मुकेश के परिजन व रिश्तेदार काफी आहत हैं. परिजन यह समझ नहीं पा रहे की सच क्या है.
अगर मुकेश टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़ा था तो परिजनों को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई. आज जब एटीएस की कार्रवाई शुरू हुई तो शिक्षक जलेश्वर प्रसाद जो पूरे जीवन विद्यालय में छात्रों को आदर्श बनाने में गुजार दिये. उनके बेटे द्वारा लगाये गये कलंक का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे. जलेश्वर प्रसाद को उच्चस्तरीय इलाज के लिए गोरखपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मंगलवार को आलापुर स्थित मुकेश के घर पर रिश्तेदारों और करीबियों का आना जाना लगा रहा. इस घटना ने सबको आहत कर दिया है. कुछ रिश्तेदार लखनऊ मुकेश से मिलने के लिए रवाना हो गये है, ताकि मुकेश के मुंह से सच्चाई जान सके. जैसा कि मुकेश घर से पेप्सी की मशीन खरीदने के लिए डेढ़ लाख रुपये कर्ज लेकर निकला था. परिजनों को मुकेश कोई जानकारी नहीं देता था. जब लश्कर के लिए धन इकट्ठा करने में इसका नाम आया तो परिजन सदमे में आ गये.
गोरखपुर अस्पताल में कराया गया भर्ती मुकेश के कारनामे से शर्मसार हैं परिजन
मुकेश की गिरफ्तारी के बाद हवाले से जुड़े कई भूमिगत
गोरखपुर से मुकेश की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उससे जुड़े कई लोग भूमिगत हो चुके है. हवाला के कारोबार में जुड़े आलापुर और पथरा गांव के एक दर्जन से अधिक युवक गांव छोड़ कर फरार बताये जा रहे है. टेरर फंडिंग के मामले पहले भी उजागर हो चुके है, लेकिन बिहार एटीएस ने इतना गंभीरता से इसकी जांच नहीं की. मांझा थाने में दर्ज प्राथमिकी में पाकिस्तान से हवाला के जरिये कैश मंगाये जाने की बात दर्ज है. तब स्थानीय पुलिस भी गंभीरता से जांच नहीं कि और बात आयी गयी खत्म हो गयी. आज जब इतना बड़ा खुलासा हुआ है तो स्थानीय पुलिस भी पूरे नेटवर्क पर नजर रखना शुरू कर दी है.
पुिलस ने बढ़ायी सतर्कता
via p khabar
Labels: khabar seemanchal

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