जज्बे_को_सलाम_है
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बिशनपुर पंचायत में जीआर सूची में गड़बड़ी की ऊहापोह के बीच अब तक तीन लोगों ने पैसे वापस कर दिए हैं। स्वेच्छा से जीआर राशि वापस करने वालों में मो शेरशाह भारती, मुख्तार मसूद और दिलकश आफरीन है। इनमें से दो लोगों ने कोचाधामन नाजीर से मिलकर पैसे वापस कर दिए हैं बाकी एक लाभुक के बैंक अकाउंट में पैसे नहीं आए हैं, लेकिन सूची में नाम जरुर है। जिस पर उक्त व्यक्ति ने ब्लॉक में पैसे वापसी के लिए आवेदन जमा कर दिए हैं। खबर सीमांचल ने बिशनपुर पंचायत के जरुरतमंदों को राशि दिलाने के लिए आपील जारी की थी, जिससे प्रेरित हो कर इन लोगों ने रुपए वापस कर दिए हैं। मो शेरशाह भारती का कहना है कि हमारे पंचायत में जीआर राशि में भारी गड़बड़ी हुई है। जरुरतमंदों को मिलने के बजाए ज्यादातर ऐसे लोगों को सहायता राशि मिल गई है जो उस लायक नहीं हैं। मुख्तार मसूद का कहना है कि लाभुकों की सूची में नाम कैसे आया, पता नहीं है, राशि के लिए आवेदन भी नहीं किया था, लेकिन बैंक खाता सहित अन्य डिटेल्स पंचायत के पास पहले से जमा थे, जिसे अंजाने में इस्तेमाल किया गया है। यही वजह है कि हमने रुपए वापस कर दिए हैं। वहीं दिलकश आफरी का कहना है कि हम बाढ़ पीड़ित नहीं है, इसलिए हमारे बजाए किसी दूसरे को मदद मिले तो बेहतर होगा, उनके मुताबिक बिशनपुर पंचायत में बाढ़ राहत राशि को लेकर गरीबों के साथ अन्याय हुआ है, लोगों को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश होगा जबकि शेरशाह का कहना है कि जरुरमंदों को लाभ दिलाने के लिए हमारी भी कोशिश होगी

बिशनपुर पंचायत में जीआर सूची में गड़बड़ी की ऊहापोह के बीच अब तक तीन लोगों ने पैसे वापस कर दिए हैं। स्वेच्छा से जीआर राशि वापस करने वालों में मो शेरशाह भारती, मुख्तार मसूद और दिलकश आफरीन है। इनमें से दो लोगों ने कोचाधामन नाजीर से मिलकर पैसे वापस कर दिए हैं बाकी एक लाभुक के बैंक अकाउंट में पैसे नहीं आए हैं, लेकिन सूची में नाम जरुर है। जिस पर उक्त व्यक्ति ने ब्लॉक में पैसे वापसी के लिए आवेदन जमा कर दिए हैं। खबर सीमांचल ने बिशनपुर पंचायत के जरुरतमंदों को राशि दिलाने के लिए आपील जारी की थी, जिससे प्रेरित हो कर इन लोगों ने रुपए वापस कर दिए हैं। मो शेरशाह भारती का कहना है कि हमारे पंचायत में जीआर राशि में भारी गड़बड़ी हुई है। जरुरतमंदों को मिलने के बजाए ज्यादातर ऐसे लोगों को सहायता राशि मिल गई है जो उस लायक नहीं हैं। मुख्तार मसूद का कहना है कि लाभुकों की सूची में नाम कैसे आया, पता नहीं है, राशि के लिए आवेदन भी नहीं किया था, लेकिन बैंक खाता सहित अन्य डिटेल्स पंचायत के पास पहले से जमा थे, जिसे अंजाने में इस्तेमाल किया गया है। यही वजह है कि हमने रुपए वापस कर दिए हैं। वहीं दिलकश आफरी का कहना है कि हम बाढ़ पीड़ित नहीं है, इसलिए हमारे बजाए किसी दूसरे को मदद मिले तो बेहतर होगा, उनके मुताबिक बिशनपुर पंचायत में बाढ़ राहत राशि को लेकर गरीबों के साथ अन्याय हुआ है, लोगों को न्याय दिलाने की पूरी कोशिश होगा जबकि शेरशाह का कहना है कि जरुरमंदों को लाभ दिलाने के लिए हमारी भी कोशिश होगी

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