मैं थक गई हूं, अब पैरों में दम नहीं हैः नजीब की मां
मैं थक गई हूं, अब पैरों में दम नहीं हैः नजीब की मां
नजीब के बिना बीता एक साल कैसा रहा इस सवाल के जवाब पर वो कहती हैं, "मेरे पास अपनी मुश्किल बयां करने के लिए लफ्ज़ नहीं हैं. आप अंदाज़ा लगा सकते हैं, लेकिन मैं बयान नहीं कर सकती हूं. मैंने ये एक साल नहीं बल्कि इस दौरान एक-एक लम्हे के दर्द को महसूस किया है."
तमाम मुश्किलों के बाद अभी भी फ़ातिमा नफ़ीस ने अपने बेटे नजीब के मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी है. वो कहती हैं, "मैं एक उम्मीद के साथ जी रही हूं. ये उम्मीद ही मेरा हौसला बढ़ाती है. मैं उस पल का इंतज़ार कर रही हूं जब हज़ारों लोगों की दुआओं में असर होगा और मेरा बेटा नजीब वापस लौटेगा."
नजीब के बिना बीता एक साल कैसा रहा इस सवाल के जवाब पर वो कहती हैं, "मेरे पास अपनी मुश्किल बयां करने के लिए लफ्ज़ नहीं हैं. आप अंदाज़ा लगा सकते हैं, लेकिन मैं बयान नहीं कर सकती हूं. मैंने ये एक साल नहीं बल्कि इस दौरान एक-एक लम्हे के दर्द को महसूस किया है."
तमाम मुश्किलों के बाद अभी भी फ़ातिमा नफ़ीस ने अपने बेटे नजीब के मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी है. वो कहती हैं, "मैं एक उम्मीद के साथ जी रही हूं. ये उम्मीद ही मेरा हौसला बढ़ाती है. मैं उस पल का इंतज़ार कर रही हूं जब हज़ारों लोगों की दुआओं में असर होगा और मेरा बेटा नजीब वापस लौटेगा."


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