मुद्दे युवाओं को जोड़ रहे हैं
मुद्दे युवाओं को जोड़ रहे हैं
छुटपन के दिनों के यार- प्यार जब लंबे अरसे बाद बर्बट्टा हाट में मिले तो समझिए कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो हम सब को फिर से जोड़ रही है। धीरे धीरे हमलोग ग्लोबल विलेज का हिस्सा बन रहे हैं। मुलाकात-बात हो या न हो...जन सरोकार के मुद्दे जैसे बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, पानी, स्कूल वगैरह हम सबको आपस में जोड़ रहा है। साफ संकेत है कि इलाके में बड़ा बदलाव आ रहा है। अब वो दिन नहीं रहे... फलां नुमाइंदा हमारा रिश्तेदार है तो हक बात कहने से गुरेज करेंगे, युवाओं की पहचान और मुलाकात का केंद्रबिंदु अब मुद्दे हैं, शिकायत और गीबत नहीं। जब ऐसे दिग्गज साथी मिलेंगे जिन्हें आप बखूबी पहचानते हैं तो खबर_सीमांचल की चर्चा हो ही जाती है। एक ठो सवाल यही होता है कि बाढ़ वाला नेटवर्क कहाँ से लाए थे साहब। शुक्र है कोई ये नहीं पूछता इससे फायदा क्या हो रहा है? बहरहाल बर्बट्टा हाट के चांद, तारे और सितारों से मिल कर दिल खुश हुआ। शिकायत बस इतनी सी है कि इस इलाके में जागरूकता मुहिम चले, बहुत बड़ा एरिया एक तरह से अलग थलग लग रहा है। खाई को पाटने में सभी दोस्तों से सहयोग की उम्मीद है

छुटपन के दिनों के यार- प्यार जब लंबे अरसे बाद बर्बट्टा हाट में मिले तो समझिए कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो हम सब को फिर से जोड़ रही है। धीरे धीरे हमलोग ग्लोबल विलेज का हिस्सा बन रहे हैं। मुलाकात-बात हो या न हो...जन सरोकार के मुद्दे जैसे बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, पानी, स्कूल वगैरह हम सबको आपस में जोड़ रहा है। साफ संकेत है कि इलाके में बड़ा बदलाव आ रहा है। अब वो दिन नहीं रहे... फलां नुमाइंदा हमारा रिश्तेदार है तो हक बात कहने से गुरेज करेंगे, युवाओं की पहचान और मुलाकात का केंद्रबिंदु अब मुद्दे हैं, शिकायत और गीबत नहीं। जब ऐसे दिग्गज साथी मिलेंगे जिन्हें आप बखूबी पहचानते हैं तो खबर_सीमांचल की चर्चा हो ही जाती है। एक ठो सवाल यही होता है कि बाढ़ वाला नेटवर्क कहाँ से लाए थे साहब। शुक्र है कोई ये नहीं पूछता इससे फायदा क्या हो रहा है? बहरहाल बर्बट्टा हाट के चांद, तारे और सितारों से मिल कर दिल खुश हुआ। शिकायत बस इतनी सी है कि इस इलाके में जागरूकता मुहिम चले, बहुत बड़ा एरिया एक तरह से अलग थलग लग रहा है। खाई को पाटने में सभी दोस्तों से सहयोग की उम्मीद है


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