Saturday, 17 March 2018

NDA में टूट की चर्चा के बीच रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा ने दिया यह बयान, जानें

NDA में टूट की चर्चा के बीच रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा ने दिया यह बयान, जानेंपटना : जब से पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने एनडीए का दामन छोड़कर महागठबंदन का दामन थामा है, तब से बिहार की सियासत में लगातार कुछ न कुछ बातें हवा में तैरती रहती हैं. ताजा चर्चा है एनडीए में टूट और रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए का साथ छोड़ने का. वैसे उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए छोड़ने को लेकर राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने हाल में विधानसभा परिसर में बड़ा बयान देते हुए कहा था वह लगातार उनके संपर्क में हैं. भाई वीरेंद्र ने जदयू के 40 विधायकों के संपर्क में भी रहने की बात कही थी. इधर, शुक्रवार को हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान और उपेंद्र कुशवाहा के बीच आरा सर्किट हाउस में कुछ चर्चाएं हुई. उसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह खबर चलने लगी कि एनडीए में टूट हो सकती है.

वहीं दूसरी ओर मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उपेंद्र कुशवाहा ने हम नेता के साथ उस मुलाकात को औपचारिक मुलाकात बताया और उन्होंने एनडीए छोड़कर जाने की बात से साफ इनकार किया. केंद्रीय मंत्री ने बाद में हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान को पहचानने तक से इंकार कर दिया. हाल में दो विधानसभा और एक लोकसभा के उपचुनाव का रिजल्ट आने के बाद पार्टी के विधायक भाई वीरेंद्र ने बुधवार को विधानसभा में कहा था कि इसी महीने के आखिरी दिनों में कुशवाहा महागठबंधन के साथ होंगे. इस बयान के बाद से भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गयी थी.

उधर,  एनडीए में टूट की चर्चा और कयासों को पूरी तरह बकवास करार देते हुए केंद्रीय मंत्री और लोजपा नेता रामविलास पासवान ने कहा है कि लोजपा एनडीए के साथ है और रहेगी. उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा, जदयू और रालोसपा का गठबंधन रहेगा और सभी मिलकर यहां सरकार चलायेंगे. उन्होंने ऐसी बातों को पूरी तरह बकवास करार देते हुए इससे इंकार किया. गौरतलब हो कि मांझी के जाने के बाद गाहे-बगाहे बिहार में एनडीए के दो दलों लोजपा और रालोसपा के अलग हो जाने की चर्चा सियासी गलियारों में चलती रहती है. ऊपर से राजद के कई नेता कभी-कभार यह बयान देकर सबको चौंका देते हैं कि बहुत जल्द उपेंद्र कुशवाहा एनडीए से अलग हो जायेंगे.

हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के हिसाब से देखें, तो मांझी के महागठबंधन में जाने के बाद उनकी ही पार्टी के एक नेता नरेंद्र सिंह ने बगावत कर दी और मांझी को एनडीए में लौट आने का आग्रह किया. नरेंद्र सिंह ने कहा कि मांझी नहीं आते हैं, तो पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कर नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जायेगा. मांझी के जाने के ठीक बाद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी सहित चार विधान पार्षदों ने कांग्रेस का दामन छोड़कर जदयू ज्वाइन कर लिया. बहरहाल, कयासबाजी का दौर जारी है, आगे राजनीति किस करवट बैठेगी कोई नहीं जानता. 
via p khabr

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