Friday, 3 November 2017

दुआ ए खैर की गुजारिश

नरकली- मौलवी शफ़ीक़ साहेब की अम्मी और हमारे साथी अनवर शादात साहेब की दादी हमारे बीच नहीं रहीं। दुआ ए खैर की गुजारिश है।।

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home