बिहार : कोहरे की मार, भटका स्टीमर, बीच गंगा में 150 यात्रियों की कटी रात
कटिहार : गंगा तट पर बुधवार की सुबह नौ बजे एलटीसी में फंसे 150 यात्रियों को नाव से मनिहारी लाया गया. यात्री लगभग 18 घंटे तक स्टीमर में फंसे रहे. झारखंड के साहेबगंज से मनिहारी आने के क्रम में कुहासे के कारण सैकड़ों यात्रियों से को लेकर आ रहा स्टीमर मंगलवार शाम को रास्ता भटक कर फंस गया था. स्टीमर में फंसे यात्रियों ने रतजगा कर किसी प्रकार दहशत में रात काटी. स्टीमर पर छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं भी थीं. रास्ता भटकने के बाद स्टीमर चालक ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए लालबथानी, शोभनपुर के गंगा किनारे स्टीमर को खड़ा किया था. मनिहारी गंगा तट से नाव को प्रशासन ने भेजा.
फेरी सेवा की ओर से रात में ही घाट बुकिंग क्लर्क भूषण झा स्टीमर लाने के लिए रवाना हुए थे. सुबह करीब नौ बजे सभी यात्रियों को वे अपने साथ लेकर आये. रात में घना कुहासा होने के कारण नाव भी भटक जा रही थी. काफी मशक्कत के बाद नाव से लोग स्टीमर तक पहुंच पाये. इसके बाद सुबह नाव से सभी यात्रियों को सुरक्षित लाया गया.
साहेबगंज से खुला था स्टीमर : साहेबगंज से मनिहारी के लिए मंगलवार की शाम चार बज कर तीस मिनट पर स्टीमर खुला था, जबकि कोहरा पिछले 15 दिनों से शाम से पहले ही गंगा नदी में हो जाता है. इसके बावजूद फेरी सेवा प्रबंधन ने स्टीमर को रवाना कर यात्रियों की जान को खतरे में डाल दिया. साहेबगंज प्रशासन और मनिहारी प्रशासन के निर्देशों का पालन फेरी सेवा प्रबंधन ने नहीं किया. बंगाल फेरी एक्ट के तहत सख्त निर्देश दिये गये हैं कि कुहासे में स्टीमर का परिचालन नहीं होगा.
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