अस्पताल परिसर में घुस रहे अतिक्रमणकारी, खामोश है प्रबंधन
सदर अस्पताल चारों तरफ खुला रहने के कारण आवारा पशुओं का बसेरा बना हुआ है. बताया जाता है कि इनमें से अधिकतर जानवर अस्पताल की जमीन पर कब्जा किये कब्जाधारियों का है. मरीज और उनके परिजनों द्वारा फेंके गये जूठा खाने के लिये जानवर अस्पताल के वार्डों के आसपास भटकते रहते हैं. मौका देखते ही ऐसे जानवर वार्ड में भी घुस जाते हैं. कई अावारा जानवर तो रात के समय वार्ड में ही रहकर रात गुजार लेता है.
अस्पताल की सुरक्षा भगवान भरोसे है. अस्पताल में सिविल सर्जन कार्यालय और ओपीडी में तीन बार चोरी की घटना हो चुकी है.15 दिन पूर्व ही अस्पताल परिसर स्थित एक्सरे सेंटर में चोरों ने खिड़की तोड़ कर चोरी की घटना को अंजाम दिया. आजतक मामले का खुलासा नहीं हो पाया है. स्थिति यह है कि अस्पताल के वार्ड भी सुरक्षित नहीं है. वार्ड में भर्ती मरीजों का जूता-चप्पल चोरी होना तो आम बात है. मरीजों का समान भी सुरक्षित नहीं है.
चहारदीवारी के भीतर बन गया है अस्थायी आवास
बहरहाल स्थिति यह है कि कई लोगों ने चहारदीवारी के अंदर अस्पताल की जमीन पर कब्जा जमा लिया है. कब्जा की गयी जमीन पर पक्का और फूस का घर भी बना लिया गया है. कई लोगों ने तो अपने घर तक जाने के लिये सदर अस्पताल के रास्ते को ही अपना बना लिया है. सबसे अधिक अतिक्रमण अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास और अस्पताल के पूर्व पोस्टमार्टम रोड से सटे क्षेत्र में है. यहां तो लोगों ने अपना घर तक बना लिया है और आंगन के रूप में अस्पताल की जमीन का प्रयोग कर रहे हैं. इन अवैध कब्जा के साये में कई अवांछित तत्व भी अस्पताल परिसर में देखे जा सकते हैं. स्पष्ट है कि मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से यह स्थिति ठीक नहीं है.
होगी कार्रवाई
सदर अस्पताल परिसर में अतिक्रमण की शिकायत मिली है. जल्द ही ऐसे लोगों को चिह्नित कर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. अस्पताल परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा.
डा एम एम वसीम, सिविल सर्जन पूर्णिया.
Labels: khabar seemanchal

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