लश्कर के टेरर फंडिंग गैंग का पर्दाफाश, बिहार के एक युवक सहित 10 गिरफ्तार
लखनऊ : यूपी एटीएस ने आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के मामले में पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 10 सदस्यों को पकड़ा है.
एटीएस के महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी गोरखपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़ व मध्य प्रदेश के रीवा में मारे गये छापों व पूछताछ के बाद हुई है. इनमें से एक युवक बिहार के गोपालगंज का रहनेवाला है. प्रारंभिक पूछताछ में सभी ने पाक में बैठे अपने आकाओं के वास्ते ‘टेरर फंडिंग' में मदद की बात स्वीकारी है. इनके बैंक खातों से करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था. यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वाला कोई भी व्यक्ति प्रदेश में आजाद नहीं घूम पायेगा. हम प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के लिए किसी भी असामाजिक तत्व और अपरािधयों को नहीं छोड़ेंगे.
गोपालगंज का भी एक युवक पकड़ाया
यूपी एटीएस ने संजय सरोज, नीरज मिश्रा, साहिल मसीह, शंकर सिंह, मुकेश प्रसाद, निखिल राय उर्फ मुशर्रफ अंसारी , अंकुर राय, दयानंद यादव, नसीम अहमद व नईम अरशद को पकड़ा है. मुकेश प्रसाद बिहार के गोपालगंज जिले के अल्लापुर गांव का रहनेवाला है.
बैंककर्मियों की भूमिका की होगी जांच
एटीएस ने कहा कि अब इस बात की जांच होगी कि जिस धन का लेन-देन हुआ, वह किसके खाते में गया. इस मामले में संबंधित बैंककर्मियों की भूमिका भी जांची जायेगी.
10 से 20% का कमीशन, एक करोड़ से अधिक का लेन-देन
संगठन का सदस्य लाहौर से फोन व इंटरनेट से नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में रहता था. उनसे फर्जी नाम से बैंक खाते खोलने के लिए कहता था. बताता था कि कितना धन किस खाते में डालना है. इन भारतीय एजेंटों को 10 से 20% कमीशन मिलता था. एक करोड़ के डील की बात सामने आयी है.
बड़ी संख्या में मिले एटीएम कार्ड
पकड़े गये लोगों के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, 42 लाख नकद, छह स्वैप मशीनें, मैग्नेटिक कार्ड रीडर, तीन लैपटॉप, पिस्तौल व 10 कारतूस, बड़ी संख्या में अलग-अलग बैंकों की पासबुक इत्यादि बरामद किये गये हैं.
via parbhat khabar
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