बिहार : प्रदेश में 18% महिलाएं कैंसर पीड़ित, शर्मिंदगी के चलते नहीं जातीं अस्पताल
पटना : पटना सहित पूरे बिहार में कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ रही है. इनमें खासकर महिला मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. महिलाएं शर्मिंदगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों, सामाजिक कलंक आदि डर के चलते इलाज कराने से कतराती हैं. हालांकि बहुत सारी महिलाएं अब जागरूक भी हुई हैं, लेकिन आज भी 18 प्रतिशत महिलाएं इस बीमारी की चपेट में हैं.
यह कहना है आईजीआईएमएस के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ ऋचा माधुरी का. वे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गुरुवार को संस्थान में आयोजित एक सेमिनार में बोल रही थीं. कार्यक्रम का उद्घाटन आईजीआईएमएस के डायरेक्टर डॉ एनआर विश्वास और चिकित्सा अधिकारी डॉ मनीष मंडल ने किया.
संस्थान में केवल 23% महिला कर्मी, बढ़ाने की जरूरत
सभा को संबोधित करते हुए डॉ मनीष मंडल ने कहा कि संस्थान में महिला डॉक्टर व कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. डॉ ऋचा माधवी ने कहा कि महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक होने की जरूर है, ताकि बीमारी पहले ही स्टेज में पकड़ ली जाये.
मौके पर मौजूद डॉ दिनेश कुमार सिन्हा ने कहा कि संस्थान में केवल 23 प्रतिशत ही महिला कर्मी हैं जो काम कर रही हैं, जिसे बढ़ाने की जरूरत है. इस मौके पर रत्ना पुरकायस्थ, डॉ पीके सिन्हा, डॉ अणिमा खेस, डॉ स्नेहा झा, डॉ बीएन प्रसाद आदि कई लोग मौजूद थे.
डाइट में हो रही प्रोटीन की कमी : आईडीए
भारतीय महिलाओं के खान-पान में बहुत सारी कमियां खासकर उनके डाइट में प्रोटीन गायब होने से उनको कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है. यह बात इंडियन डाइटिशियन एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शीला कृष्णा स्वामी ने गुरुवार को आईडीए की ओर से आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सेमिनार के समापन पर कही.
via p khabar
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