Thursday, 8 March 2018

बिहार विधानसभा सत्र में कोचाधामन विधायक मुजाहिद आलम ने तारांकित प्रश्न संख्या - 737 के द्वारा ठाकुरगंज विधानसभा के दल्लेगांव एवं तातपौवा के किसानों के भूमी अधीग्रहण के मुद्दे को उठाया।

No automatic alt text available.बिहार विधानसभा सत्र में कोचाधामन विधायक मुजाहिद आलम ने तारांकित प्रश्न संख्या - 737 के द्वारा ठाकुरगंज विधानसभा के दल्लेगांव एवं तातपौवा के किसानों के भूमी अधीग्रहण के मुद्दे को उठाया। विधायक कोचाधामन ने सरकार से पूछा कि गलगलिया-अररिया रेल परियोजना का काम वर्तमान में चालु है। जिसमें रेल लाईन बिछाने के लिए किसानों की भूमि को कम मुआवजा देने के नियत से अधिग्रहन करने की कार्रवाई की जा रही है। विधायक कोचाधामन ने राज्य सरकार से पत्र का हवाला देते हुए पूछा कि निबंधन,उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पत्रांक 10/रा. वर्गीकरण 94/2015-5021 दिनांक 18 दिसंबर 2017 के कंडिका(क) की उप कंडिका(3) के अनुसार गांव के अंतिम घर से चारों ओर 200 मीटर की परिधि में अवस्थित क्षेत्र को आवासीय भूमी माना गया है जिसके आलोक में सभी किसानों को आवासीय भूमी की दर से मुआवजा मिलना चाहिऐ। मगर ठाकुरगंज के दल्लेगांव मौजा के किसान गुलाम हसनैन,नूर जहां बेगम,मो इद्रिश,नसीमा बेगम,इकबाल तथा जमील अखतर एवं तातपौवा मौजा के किसान शहादत हुसैन,मुजफ्फर आलम,एवं सैफुन निसां आदि गरीब किसानों के जमीन पर रेल लाईन बिछाने को लेकर भूमि अधिग्रहन के लिए जो नोटिस मिला है।उसमें दो फसला जमीन कहके नोटिस हुआ है।जब्कि इन सभी की जमीन गांव के 200 मीटर की परिधि के अंदर है।वहीं जवाब में पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने राजस्व एवं भुमि सुधार मंत्री के रुप में सदन को बताया कि इस संबंध किशनगंज डीएम के द्वारा राजस्व एवं भूमी सुधार विभाग को प्रतिवेदित किया गया है कि परियोजना में धारा 21 के अंतर्गत हितबद्ध रैयतों को नोटिस तामिला किया जा चुका है।साथ सरकार ने ये भी बतारा कि नोटिस मिलने के उपरान्त रैयतों से दावा एवं प्राप्त आपत्तीयों की सुनवाई भी विभागीय पत्रांक 150/रा. दिनांक 15 फरवरी 2018 की कंडिका 4(1) द्वारा प्राप्त निदेश के आलोक में किया जा रहा है।किसानों के साथ किसी भी सुरत में अन्याय नही होगा साथ ही आवासीय भूमि अगर है तो उसको उसी भूमी का मुआवजा सरकार देगी।

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