जीतन राम मांझी ने किया बड़ा खुलासा, कहा- नीतीश ने हमेशा मुझे...
उन्होंने कहा कि गरीबों के उत्थान के लिए सही मायने में आज तक किसी भी सरकार ने ईमानदारी पूर्वक प्रयास ही नहीं किया है. इसलिए समाज के हर गरीब तबकों के विकास पर हमारा जोड़ रहा है. इस लिये वे आठ अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में आयोजित गरीबों के अधिकार को लेकर अपने मुख्यमंत्री काल में जो भी निर्णय लिया था उसे लागू कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाने का काम करेंगे. जिला परिषद प्रांगण में पार्टी के जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा की इतिहास गवाह है जब जब देश में राजनीतिक संकट ने पैदा लिया है तब तब पिछड़े वर्ग के लोगों को हथियार बना राजनीति में प्रयोग किया गया है. उसी तरह नितीश कुमार पर जब लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार की वजह से संकटों का बादल मंडराने लगा तो उस समय मेरा चेहरा उसे नजर आया और बेवकूफ समझ मुझे मुख्यमंत्री बना दिया.
उन्होंने कहा कि लेकिन जब हमने गरीबों व आम लोगों के हित में अच्छा काम करना शुरू किया तो अपनी राजनीतिक वजूद को बचाये रखने के लिए एक साजिश रच मुझे मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया. उन्होंने कहा कि इसी तरह राम सुंदर दास, भोला पासवान शास्त्री को भी मेरी तरह राजनीति का हथियार बना मुख्यमंत्री बना कुछ दिनों के बाद फिर मांझी ने नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना पर जमकर प्रहार किया. कहा कि मुख्यमंत्री हर घर शौचालय व नल का जल की बात करते है. लेकिन गरीब महादलितों के पास रहने के लिये जमीन ही नहीं है तो कहा शौचालय बानायगा कहां नल लगेगा. कहा की जिन गरीबों को तीन डिसमिल जमीन का परचा मिला भी है उसके जमीन का ठिकाना नहीं है. जहां जमीन है उस पर दबंगो का कब्जा है.
उन्होंने कहा कि शराब बंदी के नाम पर आज नीतीश सरकार के कानून की वजह से एक लाख से ऊपर गरीब परिवार के लोग जेल में बंद हैं. जबकि बड़े लोग शराब पीने व पकड़े जाने के बावजूद आसानी से छूट जाते हैं. उन्होंने कहा की गरीब जेल में बंद हैं, उसके परिवार का क्या हाल होगा. उन्होंने कहा कि आज बिहार के सभी अधिकारी एमएलए व बड़े बड़े व्यवसायी शराब पी रहे हैं. उनके घरों में शराब की होम डिलिवरी हो रही है. लेकिन उसे पकड़ने वाला कोई नहीं है. कहा कि हाल ही में भाजपा के एक नेता ने मुजफ्फरपुर में शराब के नशे में नौ बच्चों को सड़क पर कुचल दिया लेकिन नीतीश कुमार कुछ नहीं कर पाये देखतें ही रह गये.
via parbhat khabr
Labels: khabar seemanchal

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