Monday, 12 March 2018

एमएनसी के खिलाफ डॉक्टरों ने निकाला साइकिल रैली

केंद्र सरकार के एमएनसी बिल के खिलाफ चिकित्सकों ने चट्टानी एकता दिखाते हुये साइकिल रैली निकालकर जनसाधारण को जागरूक किया. डॉक्टरों ने कहा एमसीआई को खत्म कर एनएमसी बनाने के पीछे आधुनिक चिकित्सकीय इलाज एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पर गैर मेडिकल, नौकरशाह, पूंजीपतियों का आधिपत्य स्थापित करने की मंशा है. वर्ष 1956 में एमसीआई का गठन हुआ था. जिसमें देश भर से निर्वाचित राज्य एवं केंद्र सरकारों द्वारा केवल चिकित्सक सदस्य मनोनित करना था. लेकिन इस पारदर्शी संस्था को खत्म कर केंद्र सरकार अन्य क्षेत्र के मनोनित सदस्यों की बहुसंख्यक संस्था नेशनल मेडिकल कमिशन गठित करने का प्रयास कर रही है.
कहा यह पूरी तरह से जन विरोधी, चिकित्सक विरोधी, समाज विरोधी, छात्र विरोधी है, जो अमीरों का पक्षधर है. भ्रष्टाचार को बढाने का माध्यम बनेगा. इसके विरोध में आइएमए द्वारा चरण बद्ध आंदोलन जारी है. चिकित्सक एवं संसद सदस्यों के विरोध को देखते हुये बिल को तत्काल स्थायी समिति को भेजा गया है.
– रैली के दौरान बंद रहे लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे-
रैलीकालीन सभी चिकित्सक सुविधाएं यथा लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे आदि बंद रहे. रैली के समाप्त होने के बाद यह सुविधा बहाल हुई. वहीं आगामी 25 मार्च को चिकित्सकों की महापंचायत नई दिल्ली में आयोजित है. इसमें मधेपुरा समेत पूरे बिहार से चिकित्सक हिस्सा लेंगे. साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर सिविल सर्जन डा गदाधर प्रसाद पांडेय ने रवाना किया.
आइएमए के प्रमंडलीय सचिव सह जिला उपाध्यक्ष डा सच्चिदानंद यादव ने कहा चरणबद्ध आंदोलन के तहत हर जिले में चिकित्सक लोक सभा एवं राज्य सभा के सांसद को ज्ञापन सौंपेंगे. यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार इस जन विरोधी भ्रष्टाचार बढाने वाले बिल को वापस नहीं लेती है. क्रॉस पैथी, चिकित्सकीय शिक्षण का स्तर गिराने वाले, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को आजादी देने वाले, चिकित्सकीय शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा का खर्च कई गुणा बढाने वाले एनएमसी बिल का चिकित्सक पुरजोर विरोध जारी रखेंगे. यह देश के स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमला है.

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