अवैध गिट्टी के कारोबार से सरकार को रोज लग रहा करोड़ों का चूना
कुछ एक ट्रक में माइनिंग के कागजात उपलब्ध रहते हैं. शेष सभी ट्रकों की स्थानीय अधिकारी जांच करे तो अस्सी प्रतिशत ट्रक ओवरलोडिंग व बिना माइनिंग के पेपर के चलते हैं. महज खानापूर्ति को लेकर कई कभी कभार चेकिंग कर कुछ ट्रक से फाइन वसूला जाता है. अवैध गिट्टी व ओवर लोडिंग मामले में खनन विभाग, जिला परिवहन विभाग के कर्मियों का मुकदर्शिता बहुत कुछ बंया करती है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग के चंद कर्मियों की बदौलत पूरे सिस्टम पर ही लोग उंगली उठा रहे हैं.
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि सरकार अवैध खनन को लेकर कानून में कई बदलाव किये. लेकिन संभवत: यह बदलाव लोगों के पैकेट पर बोझ के लिए यह है. जीएसटी सहित अन्य बात को रखकर माफिया लोगों से मुंहमांगा कीमत वसूल रही है. जबकि चांदी विभाग के अधिकारी व गिट्टी माफिया काट रहे हैं. गौर करने की बात यह भी है कि खनन मंत्री का गृह जिला भी कटिहार ही है. मामले में खनन मंत्री भी संज्ञान लेकर इन अधिकारियों पर कार्रवाई कर सकते हैं. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.
थाना से कुछ ही दूरी पर चलता है गौरखधंधा
झारखंड के साहेबगंज से मनिहारी घाट पर अवैध तरीके से गिट्टी की ढुलाई, मनिहारी घाट से इस पूरे सीमांचल सहित अन्य जिलों में अवैध व ओवर लोडिंग गिट्टी की आपूर्ति की जाती है. दो सौ से तीन सौ ट्रक में नाव से तो घाट पर रखे गिट्टी को लोड किया जाता है.
यह पूरा प्रक्रिया मनिहारी घाट में चलता रहता है. लेकिन वहां मौजूद ओपी, थाना और न ही एसडीओ मामले में किसी प्रकार का संज्ञान लेते हैं जबकि घाट से अनुमंडल कार्यालय , मनिहारी थाना महज आधा किलोमीटर व मनिहारी ओपी एक घाट पर ही स्थापित है. इस पूरे प्रकरण में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मनिहारी थाना की कार्रवाई इस अवैध कारोबार में उनकी संलिप्ता उजागर करने के लिए काफी है.
नित्य ढाई सौ से तीन सौ ट्रक्ों होता है परिचालन होता
सूत्रों की माने तो मनिहारी से नित्य ढाई सौ से तीन सौ ट्रक का परिचालन होता है. जिनमें अधिकाशंत: ट्रक में आवेरलोडिंग गिट्टी ही लोड रहती है. जहां एक 10 चक्का ट्रक में 15 टन गिट्टी लोडिंग होनी चाहिए. वहां 40 से पचास टन गिट्टी लोडिंग की जाती है. तथा बारह चक्के वाली ट्रक में 21 टन गिट्टी होनी चाहिए लेकिन अधिकत्तर ट्रक में 50 से 60 टन गिट्टी लोड किया जाता है. जिला परिवहन विभाग, सैलटैक्स विभाग, खनन विभाग अगर इन ट्रकों की गहनता से चेकिंग करे तो निश्चित तौर लाखों- करोड़ों रूपये राजस्व के तौर पर सरकारी मद में जमा होगी. लेकिन प्रशासनिक अमला की मुकदर्शिता कहे या मिली भगत से अवैध ओवरलोडेड गिट्टी का कारोबार क्षेत्र में फल फुल रहा है. आमालोगों की जेबे कट रही है और अधिकारी चांदी काट रहे है.
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