बिहार के किशनगंज ज़िले के निवासी डॉ. मुमताज़ नैयर ने ज़ीका, डेंगू तथा हेपेटाइटिस
बिहार के किशनगंज ज़िले के निवासी डॉ. मुमताज़ नैयर ने ज़ीका, डेंगू तथा हेपेटाइटिस आदि जानलेवा बिमारियों के वायरस की रोकथाम के लिए ब्रिटैन के यूनिवर्सिटी ऑफ साउथथेम्प्टन की प्रयोगशाला में टीका की खोज की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। डॉ. मुमताज़ नैयर के इस अविष्कार को दुनियाभर के वैज्ञानिक एक क्रांतिकारी खोज बता रहे हैं जिससे उन्होंने बिहार ही नहीं बल्कि पुरे देश का नाम विश्व में ऊंचा किया है। गंदी मानसिकता के लोग हम पर तंज करते हैं कि हम 'पंचर' बनाते हैं। हालांकि पंचर बनाना कोई गलत काम नहीं लेकिन यह बात वह इस बात को कहकर वे अपनी गटरछाप मानसिकता का परिचय जरूर दे देते हैं। इसके पीछे जो उनकी मानसिकता होती है वह तंज करती है कि वे गाड़ी वाले हैं और हम पंचर बनाने वाले हैं। लेकिन उन्हें मालूम नहीं या फिर याद रखना नहीं चाहते कि हम सिर्फ पंचर ही नहीं बनाते बल्कि मौका मिलने पर इस देश के लिये मिसाईल भी बनाते हैं। और ज्यादा मौका मिले तो दुनिये के लिये वैक्सीन भी बनाते हैं जैसा मेरे अजीज Mumtaz Naiyer भाई ने बनाकर दिखाया है। बताते चलें कि अपने पीएचडी के दौरान डॉ0 मुमताज नैय्यर ने कालाजार,एचआईवी व कैंसर रोगों पर नियंत्रण हेतु एक बड़ी खोज की थी जो कि पांच वर्ष पूर्व सितंबर 2012 में प्रकाशित हुआ था।



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