पूर्णिया:फ्रेंड सर्किल वर्ल्ड हेल्प ग्रुप जर्मनी, पहुंचा बनमनखी

आपको बता दे कि इनका का कहना है कि पुरे भारत मे खासकर बिहार मे जहाँ भी जो भी विकलांग और कुपोषण रोगी है और जो भी दद्रनाक हाल मे है हम उसके लिए अपने पैसे से इसकी सेवा कर सके। उन्हें समाज मे निच निगाह से नहीं बल्कि अच्छे निगाहें से देखा जाए ताकि इन्हें जिदंगी जिने मे दिलचस्पी हो और ये इन खतरनाक रोगों का सामना कर जिदंगी बेहतरीन तरीके से जी सके।

इन लोगों का कहना है कि विकलांग को तो लोग पास भी बैठने देते हैं लेकिन कुष्ठ विकलांग को समाज मे इतने नीच निगाह से देखे जाते हैं जिसका कोई जवाब नहीं।यहाँ तक कि चाय दुकानदार भी इन्हें चाय देने के लिए इनसे कभी कभी कहते हैं गलास लाओ फिर चाय मिलेगी,ये जो कुष्ठ विकलांग के प्रति समाज मे गलत अवधारणा फेली हुई है इसलिए ये लोग कुष्ठ विकलांग के साथ उठना बैठना खाना पिना एक ही बर्तनों मे करते है।
और इनका मुख्य उद्देश्य है कि ऐसी भावनाओं को जड़ से उखाड़ फेकना .और ये लोग चाहते हैं हमें अगर बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल के आसपास जगह मिल जाए तो हम इन कुष्ठ विकलांगों की सेवा करें

0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home