Sunday, 12 November 2017

कुलपति ने किया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण,प्राध्यापक पाए गए अनुपस्थित

शिक्षा के चार स्तंभ हैं- शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी और अभिभावक। सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का सम्यक् निर्वहन करें। सभी अपने स्वधर्म का पालन करें। पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने-अपने निर्धारित कर्म करें। विद्यार्थी पढाई पर ध्यान केंद्रित करें। शिक्षक भी शिक्षण एवं शोध में दिनरात लगे रहें। कर्मचारी ससमय अपने फाइलों का निष्पादन करें। अभिभावक भी सजग रहें और शिक्षा के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएँ। यह बात कुलपति प्रोफेसर डॉ. अवध किशोर राय ने कही। वे शनिवार को हरिहर साहा महाविद्यालय, उदाकिसुनगंज के औचक निरीक्षण के दौरान में बोल रहे थे।
मालूम हो कि जून 1956 में स्थापित यह कालेज मधेपुरा जिला के सबसे पुराने कालेजों में एक है और यह उदाकिसुनगंज सबडिविजन का एकमात्र अंगिभूत महाविद्यालय है। यह ग्रामीण इलाके में अवस्थित है। यहाँ केवल कला संकाय की पढाई होती है और लगभग 3 हजार विद्यार्थी नामांकित हैं।

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