लिखना था महासुदर्शन वटी, लिख रहे हैं पारासिटामोल व सिफेक्जिम
उदासीनता. अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों की हुई बहाली, पर नहीं है दवा
अररिया : आये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास ' जैसी स्थिति जिले में पदस्थापित आयुष चिकित्सकों की है. आयुर्वेद कॉलेज में आयुर्वेद की पढ़ाई के बाद जो जड़ी-बूटी का ज्ञान प्राप्त हुआ, वह अब हाशिये पर है और सरकारी नौकरी पाकर ऐसे आयुर्वेद चिकित्सक अब अंग्रेजी दवा का पाठ पढ़ने को विवश हैं. मजबूरी यह है कि नौकरी मिली थी आयुर्वेद की दवा लिखने के लिए, लेकिन यहां परिस्थितिवश अंग्रेजी दवा लिखनी पड़ रही है. दरअसल सरकारी अस्पतालों में आयुर्वेद की दवा की आपूर्ति वर्षों से नहीं हो रही है,

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