बहादुर बच्चों से मिलिए

ये बच्चे रोजाना स्कूल बड़े शौक से आते हैं। पढ़ाई के प्रति बच्चों का जज़्बा खास है। इनकी परेशानी भी सबसे जुदा है। घर से स्कूल पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है। गांव से बाहर निकलने के लिए भी कोई रास्ता नहीं है। फिर भी मामूल के मुताबिक बच्चे स्कूल आते हैं और गांव में ज़िंदगी आगे बढ़ रही है। ये दिलचस्प मुसीबत टेढ़ागाछ ब्लॉक के डाकपोखर पंचायत अंतर्गत बलुआडांगी की है। गांव में दो वार्ड है यानि 300 परिवार मुख्यधारा से कटे हुए हैं। बिहार में ऐसा ही बहार है।

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