Saturday, 30 December 2017

सरकार की नयी पॉलिसी से ईंट उद्योग पर पड़ा असर

Image result for brick मधेपुरा  : कोसी में ईंट निर्माण उद्योग के सामने काफी चुनौतियां है. ईंट निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री की जहां कमी है. वहीं सड़कों की जर्जरता का असर कोयला की ढुलाई पर पड़ रहा है. इसके बावजूद ईंट निर्माण में लगे व्यापारी मेहनत कर लोगों के घर बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाले ईंट का निर्माण में जुटे हैं. सरकार के कई बेतुके नियम इस उद्योग के लिए खतरा बन रहे है. ऐसे में पूरे कोसी क्षेत्र के ईंट व्यवसायियों को एकजुट होकर कानूनी लड़ाई के लिए तत्पर होना होगा. ये बातें पूर्व मुख्य पार्षद सह कोसी ईंट निर्माता संघ के अध्यक्ष डा विशाल कुमार बबलू ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान कही. 
उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर को सुपौल स्टेशन रोड स्थित आरके पैलेस में कोसी क्षेत्र के ईंट निर्माताओं की आकस्मिक बैठक बुलायी गयी है. इसमें तीनों जिले से ईंट निर्माता उपस्थित होकर संघर्ष की रूप रेखा तय करेंगे. सरकार की नयी-नयी पॉलिसी से सर्वाधिक ईंट उद्योग पर ही असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि नयी पॉलिसी बनाते वक्त ईंट निर्माण में जुड़े व्यापारियों से भी राय लेने की आवश्यकता है. ताकि समावेशी तरीके से नीति का निर्माण हो सके.  
 
हो जीएसटी कंपाउडिंग के तहत ईंट उद्योग : कोसी ईंट निर्माता संघ के सचिव प्रभाष चंद्र गुप्ता ने कहा कि ईंट उद्योग कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लागत काफी बढ़़ गयी है. इसके अलावा चिमनी को भी नये डिजाइन के अनुसार बनाना पड़ रहा है. वहीं ईंट उद्योग में प्रयुक्त होने वाली सामग्री व मजदूरी भी बढ़ गयी है. 

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