Friday, 16 February 2018

बिहार : गैंगरेप व हत्या मामले में तीन को फांसी की सजा, एक-एक लाख का जुर्माना भी

बिहार : गैंगरेप व हत्या मामले में तीन को फांसी की सजा, एक-एक लाख का जुर्माना भीपूर्णिया कोर्ट : प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र रजक ने नाबालिग छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में गुरुवार को तीन अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनायी है. न्यायाधीश ने इसे विरल से विरलतम अपराध करार देते हुए मामले के अभियुक्त बड़हरा थाने के गुलाब टोला मलडीहा के प्रशांत कुमार मेहता, लक्ष्मीपुर भिट्ठा के सोनू कुमार तथा रूपेश कुमार मंडल को तब तक फांसी के फंदे पर लटकाने का निर्देश दिया जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती है.
साथ ही तीनों को अलग-अलग एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. न्यायाधीश ने जुर्माने की राशि नहीं चुकाने की स्थिति में उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है. मामला सत्रवाद संख्या 965/12 से संबंधित है. न्यायालय द्वारा सजा सुनाये जाने के बाद मृतका के पिता जगदीश मंडल ने कहा कि जिसने घटना को अंजाम दिया और न्यायालय ने जो फैसला दिया है उससे वे पूरी तरह संतुष्ट हैं. 
वर्ष 2012 में हुआ था दुष्कर्म व हत्या
मामला छह वर्ष पुराना है. इस मामले में मृतका के पिता ने बड़हारा थाना कांड 99/12 दर्ज करवाया था. उनकी 13 वर्षीया लड़की 11 मई, 2012 को सुबह छह बजे स्कूल गयी थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी. इसी बीच पता चला कि गांव में मक्के के खेत में एक लड़की की लाश पड़ी है. 
उस वक्त परिजन खेत में पहुंचे लेकिन मृतका की पहचान नहीं हो पायी. देर रात फिर जब परिजन उक्त स्थल पर पहुंचे तो उसकी पहचान हुई. गैंगरेप के बाद छात्रा के शव को क्षत-विक्षत कर दिया गया था. मृतका के गले में बांस को घुसेड़ दिया गया था. इस पूरे घटनाक्रम को एक चश्मदीद बालक ने देखा था, जिसने बाद में 164 के तहत बयान दर्ज कराया था.
VIA P.K

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