शहीद के परिजनों ने मुआवजा लेने से किया इनकार, कहा- शराब पीकर नहीं मरा है मेरा भाई, देश के लिए हुआ कुर्बान
स्थानीय संवाददाता के मुताबिक जिले के जिलाधिकारी की ओर से सैनिक कल्याण कोष की एक चिट्ठी के साथ पांच लाख रुपये का चेक परिजनों को देने के लिए आया है, लेकिन वह लेने से मना कर रहे हैं. स्थानीय संवाददाता संतोष ने बताया कि परिजनों को समझाने-बुझाने में सीओ लगे हुए हैं, लेकिन वे लोग अभी मानने को तैयार नहीं हैं. मीडिया से बातचीत करते हुए परिजनों ने कहा कि जिले के प्रभारी मंत्री, या बिहार सरकार के मंत्री या फिर जिले के सांसद, जो खुद एक आइएएस अधिकारी हैं. वह भी यहां नहीं आये हैं. जिला प्रशासन का कोई बड़ा पदाधिकारी नहीं आया. सिर्फ अनुमंडल स्तर के कुछ अधिकारी यहां पहुंचे हुए हैं.
source P.khabar
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