त्रिपुरा में माणिक सरकार ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, नागालैंड में BJP को मिला NPF का समर्थन
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने त्रिपुरा में वाम दलों का किला ध्वस्त करते हुए शनिवार को आए तीन विधानसभा चुनावों के परिणामों में पूर्वोत्तर में अपना विजय अभियान जारी रखा है. त्रिपुरा में बीजेपी को अजेय बहुत मिलने के बाद सरकार बनना तय है. त्रिपुरा में माणिक सरकार ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है. वहीं नागालैंड में बीजेपी गठबंधन की सरकार बनाने की दिशा में अग्रसर है. वहीं, मेघालय में भी भाजपा गैर-कांग्रेसी दलों को साथ लेकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी संसदीय बोर्ड की शाम में हुई बैठक में यह विश्वास जताया गया कि पार्टी नागालैंड और मेघालय में भी सरकार बनाएगी. बीजेपी ने दावा किया कि उसे दोनों राज्यों में सहयोगियों के साथ पूर्ण बहुमत है.
वहीं उत्तर-पूर्व में ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी रविवार को देशभर में विजय दिवस मना रही है. विजय दिवस के साथ बीजेपी ने तीनों राज्यों में अपनी सरकार बनाने की कवायद भी शुरू कर दी है. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बीजेपी नेता ज्वेल ओराम पर्यवेक्षक के तौर पर त्रिपुरा जाएंगे, जबकि जेपी नड्डा और अरुण सिंह नागालैंड के पर्यवेक्षक होंगे. किरण रिजीजू और केजे अलफोंस को मेघालय का पर्यवेक्षक बनाया गया है.
मेघालय विधानसभा में पेंच फंसा
मेघालय में अब भी पेंच फंसा हुआ है. मेघालय में कांग्रेस को 21 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि एनपीपी को 19 और बीजेपी को 2 सीटें मिली है. अन्य के खाते में 17 सीट है. कांग्रेस ने देर रात राज्यपाल से मिलकर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया है. जाहिर है कांग्रेस इस बार गोवा की ग़लती दोहराना नहीं चाहती. वहीं बीजेपी भी राज्य में ग़ैर कांग्रेसी सरकार बनाने में जुट गई है.
वहीं उत्तर-पूर्व में ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी रविवार को देशभर में विजय दिवस मना रही है. विजय दिवस के साथ बीजेपी ने तीनों राज्यों में अपनी सरकार बनाने की कवायद भी शुरू कर दी है. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और बीजेपी नेता ज्वेल ओराम पर्यवेक्षक के तौर पर त्रिपुरा जाएंगे, जबकि जेपी नड्डा और अरुण सिंह नागालैंड के पर्यवेक्षक होंगे. किरण रिजीजू और केजे अलफोंस को मेघालय का पर्यवेक्षक बनाया गया है.

मेघालय में अब भी पेंच फंसा हुआ है. मेघालय में कांग्रेस को 21 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि एनपीपी को 19 और बीजेपी को 2 सीटें मिली है. अन्य के खाते में 17 सीट है. कांग्रेस ने देर रात राज्यपाल से मिलकर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया है. जाहिर है कांग्रेस इस बार गोवा की ग़लती दोहराना नहीं चाहती. वहीं बीजेपी भी राज्य में ग़ैर कांग्रेसी सरकार बनाने में जुट गई है.
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