Monday, 2 April 2018

भारत बंद के दौरान एमपी-यूपी-राजस्थान में जबरदस्त हिंसा, केंद्र ने राज्यों से कहा - हर मदद को तैयार

नयी दिल्ली : भारत बंद को लेकर उत्तर भारत के कई राज्यों में भड़की हिंसा पर केंद्र गंभीर है. केंद्रीय गृह मंत्रालय स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं. इस हिंसा में तीन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान में अबतक कुल सात लोगों की मौत हो चुकी है और कई गंभीर रूप से घायल हैं. गृह मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी है कि वे कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करें. साथ ही यह भी कहा है कि अगर उन्हें केंद्र से किसी तरह के सहयोग की जरूरत है तो वह दिया जाएगा. गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि अगर उन्हें जरूरत होगी तो तुरंत केंद्रीय बलों को राज्य में भेज दिया जाएगा.
 
भारत बंद के दौरान मरने वालों की संख्या शाम छह बजे छह तक सात पहुंच चुकी है.
 
उत्तरप्रदेश में भी भारत बंद के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई है और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. यह जानकारी यूपी पुलिस के डीआइजी, लॉ एंड आॅर्डर ने दी है. उन्होंने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के बारे में जांच की जाएगी.


राजस्थान के अलवर में भी बंद के दौरान पुलिस फायरिंग में पवन कुमार नामक एक युवक की मौत हो गयी है. इस तरह ग्वालियर-मुरैना में मारे गये चार लोगों सहित मरने वालों की कुल संख्या पांच हो गयी.

नयी दिल्ली : गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज बताया कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति( अत्याचार निवारण) अधिनियम को ‘कमजोर' करने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर दी है. साथ ही उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में किसी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को अंजाम न दिया जाए. राजनाथ ने उन आरोपों को भी ‘‘ निराधार' बताया जिनमें राजग सरकार के पिछड़े समुदायों के उत्थान के खिलाफ होने की बात कही गयी थी. 


सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी.
 
सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह सुनिश्चित करना राजनीतिक पार्टियों की नैतिक जिम्मेदारी है कि कहीं भी कोई जातीय या सांप्रदायिक हिंसा न हो.' उच्चतम न्यायालय ने 20 मार्च को अपने आदेश में कहा था कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों में बिना जांच के किसी भी लोक सेवक को गिरफ्तार न किया जाए और सामान्य नागरिकों को भी कानून के तहत पूछताछ के बाद ही गिरफ्तार किया जाए. न्यायालय के आदेश का विरोध करते हुए कई दलित संगठनों ने आज भारत बंद आहूत किया है.

संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दलितों की दुर्दशा को लेकर आरएसएस और भाजपा पर हमला बोला और कहा कि वह समुदाय के उन ‘‘भाइयों और बहनों' को सलाम करते हैं जो मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे हैं. संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘केंद्र सुनवाई में पक्षकार नहीं है. इसलिए सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से एक व्यापक पुनर्विचार याचिका दायर कर दी गयी है.' उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार पूरे सम्मान के साथ यह कहना चाहती है कि वह उच्चतम न्यायालय 

Labels:

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home