रोहिंग्या के दर्द पर ख़ामोश क्यों है दुनिया?
रोहिंग्या के दर्द पर ख़ामोश क्यों है दुनिया?
मानवधिकार कार्यकर्ता रवि नायर कहते हैं, "मज़हब के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है. बीजेपी सरकार का यही नज़रिया है."भारत के कई राजनितिक दलों जैसे तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और वामपंथी दलों ने कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थियों के मामले को मानवता के नज़रिये से देखा जाना चाहिए और फिलहाल उन्हें वापस भेजने का इरादा तर्क कर दिया जाना चाहिए.
मानवधिकार कार्यकर्ता रवि नायर कहते हैं, "मज़हब के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है. बीजेपी सरकार का यही नज़रिया है."भारत के कई राजनितिक दलों जैसे तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और वामपंथी दलों ने कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थियों के मामले को मानवता के नज़रिये से देखा जाना चाहिए और फिलहाल उन्हें वापस भेजने का इरादा तर्क कर दिया जाना चाहिए.
प्रदर्शन में शामिल होने आये लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मनोज झा कहा, "आरजेडी का रुख़ साफ़ है कि भारत सरकार फिलहाल क़ानूनी और ग़ैर-क़ानूनी का चक्कर छोड़े और चूंकि रोहिंग्या नस्लीय हिंसा से पीड़ित हैं इसलिए भारत को उन्हें शरण देनी होगी."

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