गुजरात चुनाव: क्या जीएसटी के क्रियान्वयन के समय का नुकसान उठाना पड़ेगा भाजपा को ?

सूरत की पहचान हीरा और कपड़ा उद्योग से है. हीरे की बात सुनते ही मन में उसकी चमक उभर आती है, लेकिन जीएसटी के कारण इन दिनों बाजार में इसकी चमक फीकी दिख रही है. यही हाल कपड़ा व्यापार का भी है. जीएसटी से होनेवाले नुकसान को लेकर व्यापारी खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. उन्हें जीएसटी से शिकायत नहीं है, बल्कि इसके क्रियान्वयन की टाइमिंग को लेकर उनके मन में असंतोष है. उनका कहना है कि नोटबंदी से अभी उबरे भी नहीं थे कि सरकार ने जीएसटी लाकर पूरे काम-काज को ठप कर दिया. कुछ दिनों के बाद लागू होता, तो कौन सी आफत आ जाती. हालांकि, जीएसटी स्लैब में बदलाव से व्यापारियों के एक वर्ग की नाराजगी थोड़ी कम होती भी दिख रही है.

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