एनडीए से अलग होगी शिवसेना, 2019 में अकेले दम पर लड़ेगी लोकसभा चुनाव
मुंबई: शिवसेना ने पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के बाद यह फैसला किया कि वह 2019 में अकेले अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने साफ किया कि अगला विधानसभा चुनाव भी पार्टी अकेले ही लड़ेगी. पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पार्टी ने फैसला किया है कि राज्य में पार्टी अपने दम पर आगे चुनाव लड़ेगी और राज्य के बाहर भी हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी की हार होती है या जीत यह जरूरी नहीं, पार्टी की विचारधारा जरूरी है. क्या है महाराष्ट्र में दलगत स्थिति
बता दें कि राज्य में अभी बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार है. बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है और पिछला चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने अकेले अकेले ही लड़ा था. चुनाव परिणामों के बाद सत्ता समीकरण के चलते दोनों दलों में गठबंधन हुआ था और बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनी थी. महाराष्ट्र विधानसभा की स्थिति के अनुसार भाजपा+ सहयोगी- 122+ 1, शिवसेना - 63, कांग्रेस - 42, एनसीपी - 41, एआईएमआईएम - 2 है. महाराष्ट्र में लोकसभा की स्थिति कुल - 48, भाजपा - 23, शिवसेना - 18 , कांग्रेस - 2 , एनसीपी - 4, स्वाभिमानी पार्टी - 1 है.
कार्यकारिणी की बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने जो विश्वास उनपर और पार्टी पर जताया है वह उसके आभारी हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी से अलग चुनाव लड़ने का फैसला काफी विचार करने के बाद लिया गया है. उन्होंने कहा कि अगर सरदार वल्लभ पटेल पीएम होते तो कश्मीर का मुद्दा न बनता और मराठवाड़ा भी आजाद नहीं हो पाता. उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही कई दलों को पाकिस्तान की याद आ जाती है.
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