Friday, 19 January 2018

बंगाल से जुड़े हो सकते हैं अपराधियों के तार

 Image result for robberyकिशनगंज : साल की शुरुआत में ही अपराधियों ने पोठिया प्रखंड के तैयबपुर में डकैती के वारदात को अंजाम देकर पुलिस को अपने मंसूबे जाहिर कर दिया है कि साल 2018 में वे लोग खून की होली और कारतूसों की दिवाली खेलने की तैयारी में हैं. तभी तो गश्ती दल के पेट्रोलिंग के बावजूद घटना को अंजाम देकर ये अपराधी गधे के सींग की तरह से इलाके से गायब हो गये. हालांकि पुलिस अब न तो लूटी गयी बंदूक, जेवरात व नकदी बरामद कर पायी है और न ही अपराधियों को ही गिरफ्तार कर  पायी है.
डकैती का रहा है पुराना इतिहास
पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे जिले के पोठिया प्रखंड में डकैती का काफी पुराना इतिहास रहा है. 1990 के दौर से ही यहां अपराधियों ने जम कर तांडव मचाया है, लेकिन साल 2011 के दिसंबर और 2012 के जनवरी में भी लगातार इन इलाकों में डकैती और आपराधिक वारदातों एक के बाद एक घटित घटनाओं ने लोगों को काफी परेशान किया. इसके बाद साल 2016 में कई ऐसी घटनाएं घटी.
अंतरराज्यीय सीमा का फायदा उठातें हैं अपराधी: पोठिया प्रखंड के समीप से ही बंगाल में  नेशनल हाइवे 31(फोरलेन) सड़क गुजरती है जो अपराधियों के लिए काफी मुफीद साबित हो रहा है.वारदात को अंजाम देने के उपरांत अपराधी तेजी से इस मार्ग से बाहर निकलने में सफल हो जाते हैं.
पिछली घटनाओं के तार भी बंगाल से जुड़े थे: विगत एक दशक में पोठिया समेत जिले के अन्य सीमावर्ती इलाकों में जो भी बड़ी आपराधिक वारदातें घटित हुई है. उनके तार कहीं न कहीं बंगाल के अपराधियों से जुड़ें है. तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रंजीत कुमार मिश्रा, मनोज कुमार और राजीव रंजन ने पोठिया में घटित घटनाओं के संबंध में इस तथ्य की आरे संकेत किया था. इस तरह के वारदात को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल के पड़ोसी जिले की पुलिस को भी सतर्क रहना होगा और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कठोर कार्रवाई करने गुरेज नहीं करना होगा.

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