अगलगी में एक ही परिवार के 3 घर जलकर राख ,घंटो बाद झुलसे विकलांग के लिए नहीं पहुंचा एम्बुलेंस
हसनगंज के जगन्नाथपुर पंचायत स्थित बघुवाकोल गांव में गुरुवार की रात्रि लगी भीषण आग में एक ही परिवार के तीन घर जलकर राख हो गए .अग्नि पीड़ित परिवारों को घर से कुछ भी निकालने का मौका नहीं मिला. सब कुछ जलकर बर्बाद हो गया.
अग्नि पीड़ित परिवार में मंजू देवी ने बताया कि हम अपने तीनों बच्चों के साथ बगल में ही महाशिवरात्रि मेला देखने गए थे और मेरे विकलांग पति घर पर ही सो रहे थे कि अचानक आग लग गई और देखते ही देखते सब कुछ जलकर राख हो गया. किसी तरह विकलांग पति ने अपनी जान बचाते बचाते आधे जल गए. घर में रखा धान, चावल, बक्सा, पेटी सहित नगदी रुपए और जरूरती कागजात भी जल गए .परोस के ही रीकिया स्थान शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरा गांव मेले में नाच का आनंद उठा रहे थे जिसकी वजह से गांव में कम ही लोग थे .जिस कारण आग बुझाने में कोई मदद नहीं मिल पाई.
पिड़ित परिवार में शिवलाल उराव पत्नी मंजू देवी सहित तीनों बच्चों का रो रो कर बुरा हाल है. सुबह होते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई और मौके पर कुछ प्रतिनिधिगण वहां पहुंचकर पीड़ित परिवारों को हिम्मत दिया तथा अर्धजले विकलांग शिवलाल उरांव के उपचार हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हसनगंज में एंबुलेंस को लेकर फोन किया गया लेकिन दो से तीन घंटे बीत जाने के बाद भी ना ही कोई एंबुलेंस नही आया और ना ही उपचार हेतु कोई स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे जबकि घटना के समय एम्बुलेंस रामपुर पंचायत के भसना चौक पर खरी थी ।
आपको बता दें कि घटनास्थल से महज एक से डेढ़ किलो मीटर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अवस्थित है और दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर करोड़ों की लागत से बना अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र अवस्थित है लेकिन इस विकलांग की उपचार हेतु कोई काम नहीं आया. वहीं ग्रामीणों और प्रतिनिधियों की मदद से किसी तरह खाट में लादकर चार कंधों की मदद से उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र लाया गया .
via k.T
Labels: khabar seemanchal

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