पिछले साल अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार समेत पूरी सीमांचल में रोड जगह-जगह कट गए लेकिन सबसे ज्यादा दर्द किशनगंज को वासियों को है यहां का मुख्य मार्ग बहादुरगंज टू किशनगंज भेड़िया डांगी ब्लॉक के पास रोड के कट जाने के बाद हमारे जनप्रतिनिधियों द्वारा एक ऐसा डायवर्सन बनाया गया है जिसे हम डायवर्जन ना बोलकर मौत का कुआं बोल सकते हैं
पिछले साल अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार समेत पूरी सीमांचल में रोड जगह-जगह कट गए लेकिन सबसे ज्यादा दर्द किशनगंज को वासियों को हैयहां का मुख्य मार्ग बहादुरगंज टू किशनगंज भेड़िया डांगी ब्लॉक के पास रोड के कट जाने के बाद हमारे जनप्रतिनिधियों द्वारा एक ऐसा डायवर्सन बनाया गया है जिसे हम डायवर्जन ना बोलकर मौत का कुआं बोल सकते हैं
आए दिन यहां पर दुर्घटनाएं होती है किसी रोज ट्रक फसती है तो किसी रोज बस फसती है यात्री अपनी जान हथेली पर रखकर इस डाइवर्जन यानि मौत के कुआं को पार करती है
लेकिन हमारे किशनगंज से ही सटी एक जिला है अररिया वहां भी कई पुल बाढ़ में बह गए थे और उन के एवज में वहां डायवर्सन बनाया गया है जो क्वालिटी और लोगों की सुविधा का ध्यान रखकर बनाया गया है वाकई परसों जब मैं उन रास्तों से गुजर रहा था तो डायवर्सन पार करते हुए एहसास नहीं हुआ कि डायवर्सन पार कर रहा हूं
आप तस्वीरों के माध्यम से देख सकते हैं साहब एक पुल नहीं बना सकते एक रोड नहीं बना सकते तो कम से कम क्वालिटी वाला डायवर्सन तो बना देते जाकर सीखिए कुछ अररिया वालों से
हकीकत यही है हमारे प्रतिनिधियों को हमारे दर्द का एहसास नहीं है यह जो नेता दिन-रात गरीब गरीब चिल्लाते हैं क्या आपने कभी देखा है इनको गरीबों के घर चाय पीते हुए नहीं यह चाय तो प्रतिनिधि और मुखिया प्रतिनिधियों के घर पर ही पिएंगे गरीब गरीब तो कहना इनकी फितरत बन गई है मैं तो अपने प्रतिनिधियों से बस इतना कहना चाहूंगा बरसात का मौसम आ रहा है चाहे तो आप हवाई जहाज या नाव का इंतजाम कर दीजिए हमें अच्छी तरह पता है इस बरसात भी हमें इसी नाव के सहारे जिंदगी काटनी है
Labels: khabar seemanchal

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