Wednesday, 27 December 2017

कैसे हो इलाज, खुद बीमार है सदर अस्पताल


Image result for govt hospital arariaअररिया : स्वास्थ्य विभाग भले ही रोगियों के इलाज के बड़े दावे करता हो, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है. कर्मियों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जिले का सदर अस्पताल खुद बीमार जान पड़ता है. सदर अस्पताल में चिकित्सक व कर्मियों का घोर अभाव है. इस कारण अस्पताल में कई तरह की बीमारियों का इलाज ही लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है. अस्पताल पहुंचने वाले गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को महज रेफर कर ही काम चलाया जाता है. 
रेफर कर दिये जाते हैं सड़क दुर्घटना के शिकार मरीज : सदर अस्पताल में एक साल से किसी महिला चिकित्सक व हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति नहीं हो सकी है. इस कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है. अनुमान के मुताबिक हर दिन एक दर्जन से अधिक दुर्घटना के शिकार मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचते हैं. ऐसे में हल्के चोट आने पर भी रोगी को अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है. यही हाल महिला चिकित्सक के नहीं रहने के कारण रोगियों को उठानी पड़ रही है. महिला मरीज अपने समस्याओं को पुरूष चिकित्सक के सामने अच्छे से नहीं रख पाते. शोषण की शिकार महिलाओं को भी जरूरी जांच के लिए अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज रेफर करना पड़ता है. 
 
अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सेंटर बंद

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